Vikram-1 Launch : भारत के पहले निजी कक्षीय-श्रेणी के रॉकेट ‘विक्रम-1’ का सफल प्रक्षेपण

Vikram-1 Launch

चर्चा में क्यों?

हैदराबाद आधारित अंतरिक्ष स्टार्टअप ‘स्काईरूट एयरोस्पेस’ (Skyroot Aerospace) ने इतिहास रचते हुए अपने पहले पूर्ण विकसित कक्षीय-श्रेणी के रॉकेट (Orbital-class Rocket) ‘विक्रम-1’ (Vikram-1) को सफलतापूर्वक लॉन्च किया है। इस ऐतिहासिक लॉन्चिंग के लाइव अपडेट्स के अनुसार, रॉकेट ने निर्धारित पेलोड्स को उनकी सटीक कक्षाओं में स्थापित कर दिया है।

प्रमुख बिंदु:

1. यह ऐतिहासिक प्रक्षेपण आंध्र प्रदेश के श्रीहरिकोटा स्थित इसरो (ISRO) के सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र (SDSC) से संपन्न हुआ।

2. विक्रम-1 भारत का पहला निजी तौर पर डिजाइन और निर्मित किया गया रॉकेट है, जो उपग्रहों को पृथ्वी की निचली कक्षा (LEO) में ले जाने में पूरी तरह सक्षम है।

3. इस मिशन की सफलता के साथ ही स्काईरूट एयरोस्पेस ने वाणिज्यिक अंतरिक्ष प्रक्षेपण बाजार (Commercial Space Launch Market) में भारत की निजी भागीदारी को एक वैश्विक पहचान दिलाई है।

4. विक्रम-1 एक बहु-चरण (Multi-stage) प्रक्षेपण यान है, जिसमें उन्नत कार्बन-कम्पोजिट बॉडी और 3D-प्रिंटेड लिक्विड इंजनों की अत्याधुनिक तकनीक का उपयोग किया गया है।

5. लॉन्च के दौरान रॉकेट के सभी चरणों (Stages) ने योजना के अनुसार काम किया और पेलोड अलगाव (Payload Separation) पूरी सटीकता के साथ पूरा हुआ।

6. अंतरिक्ष विभाग (DoS) और इन-स्पेस (IN-SPACe) ने इस मिशन को भारत के अंतरिक्ष क्षेत्र के निजीकरण और आत्मनिर्भरता की दिशा में एक ऐतिहासिक मील का पत्थर बताया है।

7. यह सफल प्रक्षेपण भविष्य में छोटे उपग्रहों (Small Satellites) को बेहद कम लागत और कम समय में अंतरिक्ष में भेजने के नए रास्ते खोलेगा।

प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए महत्वपूर्ण तथ्य (Static GK):

1. स्काईरूट एयरोस्पेस (Skyroot Aerospace): भारत की एक निजी एयरोस्पेस कंपनी, जिसकी स्थापना वर्ष 2018 में पूर्व इसरो वैज्ञानिकों द्वारा की गई थी और इसका मुख्यालय हैदराबाद में है।

2. डॉ. विक्रम साराभाई: ‘विक्रम’ रॉकेट श्रृंखला का नाम भारतीय अंतरिक्ष कार्यक्रम के जनक और इसरो के संस्थापक डॉ. विक्रम साराभाई के नाम पर रखा गया है।

3. IN-SPACe (भारतीय राष्ट्रीय अंतरिक्ष संवर्धन और प्राधिकरण केंद्र): यह एक सरकारी नोडल एजेंसी है जो निजी कंपनियों को इसरो की सुविधाओं का उपयोग करने और अंतरिक्ष गतिविधियों में भाग लेने के लिए अधिकृत करती है।

4. सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र (SDSC): यह इसरो का मुख्य प्रक्षेपण केंद्र है जो आंध्र प्रदेश के श्रीहरिकोटा द्वीप पर स्थित है।

FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न):

प्रश्न 1. भारत के पहले निजी तौर पर विकसित कक्षीय-श्रेणी के रॉकेट का नाम क्या है?
उत्तर: भारत के पहले निजी कक्षीय-श्रेणी के रॉकेट का नाम ‘विक्रम-1’ (Vikram-1) है।

प्रश्न 2. विक्रम-1 रॉकेट को किस कंपनी द्वारा विकसित किया गया है?
उत्तर: इसे हैदराबाद स्थित निजी अंतरिक्ष स्टार्टअप ‘स्काईरूट एयरोस्पेस’ द्वारा विकसित किया गया है।

प्रश्न 3. विक्रम-1 रॉकेट का प्रक्षेपण कहाँ से किया गया?
उत्तर: इसका प्रक्षेपण श्रीहरिकोटा स्थित सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र (SDSC) से किया गया।

प्रश्न 4. विक्रम-1 रॉकेट में किस आधुनिक निर्माण तकनीक का उपयोग किया गया है?
उत्तर: इसमें उन्नत कार्बन-कम्पोजिट संरचनाओं और 3D-प्रिंटेड लिक्विड इंजनों का उपयोग किया गया है।

प्रश्न 5. भारत में निजी अंतरिक्ष गतिविधियों को बढ़ावा देने और विनियमित करने वाली नोडल एजेंसी कौन सी है?
उत्तर: इस एजेंसी का नाम IN-SPACe (भारतीय राष्ट्रीय अंतरिक्ष संवर्धन और प्राधिकरण केंद्र) है।

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