
चर्चा में क्यों?
पहली बार, रेलवे ने ऑर्गन ट्रांसप्लांट के लिए एक ‘जीवित हृदय’ (Live Heart) का सफल, सुरक्षित और समयबद्ध परिवहन किया है। यह ‘लाइव हार्ट’ गुजरात के सूरत से कर्नाटक के मैसूर तक भारत की अत्याधुनिक वंदे भारत एक्सप्रेस (Vande Bharat Express) के जरिए पहुँचाया गया, जो अंग प्रत्यारोपण के क्षेत्र में एक बड़ी उपलब्धि है।
प्रमुख बिंदु:
* सूरत से मैसूर (Surat to Mysuru) तक इस ‘जीवित हृदय’ (Live Heart) को पहुँचाने के लिए भारत की स्वदेशी सेमी-हाई स्पीड ट्रेन ‘वंदे भारत एक्सप्रेस’ का उपयोग किया गया।
* यह भारतीय रेलवे के इतिहास में पहला अवसर है जब अंग प्रत्यारोपण (Organ Transplant) के लिए किसी ‘लाइव हार्ट’ को ट्रेन के माध्यम से इतनी लंबी दूरी तक सफलतापूर्वक ले जाया गया है।
* इस अति-संवेदनशील ‘लाइव हार्ट ट्रांसपोर्ट’ (Live Heart Transport) मिशन को सफल बनाने के लिए रेलवे अधिकारियों, मेडिकल टीम और स्थानीय पुलिस ने स्टेशनों और रास्तों पर एक विशेष ‘ग्रीन कॉरिडोर’ (Green Corridor) का निर्माण किया।
* ट्रेन की तेज गति और समय की पाबंदी ने यह सुनिश्चित किया कि हृदय प्रत्यारोपण के लिए निर्धारित महत्वपूर्ण समय-सीमा (Golden Hour) के भीतर ही यह ‘जीवित हृदय’ मरीज तक पहुँच जाए।
* इस सफल परीक्षण ने हवाई एंबुलेंस (Air Ambulance) के एक मजबूत विकल्प के रूप में भारतीय रेलवे को ‘लाइव ऑर्गन ट्रांसपोर्ट’ के लिए एक किफायती और विश्वसनीय माध्यम के रूप में स्थापित किया है।
प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए महत्वपूर्ण तथ्य (Static GK):
* हृदय प्रत्यारोपण का समय (Golden Hour): डोनर के शरीर से निकाले जाने के बाद, प्रत्यारोपण के लिए एक जीवित हृदय (Live Heart) को आमतौर पर 4 से 6 घंटे के भीतर प्राप्तकर्ता (Recipient) के शरीर में ट्रांसप्लांट करना आवश्यक होता है।
* ग्रीन कॉरिडोर (Green Corridor): अंग प्रत्यारोपण के दौरान ‘लाइव हार्ट’ या अन्य अंगों को बिना किसी ट्रैफिक रुकावट के जल्द से जल्द अस्पताल तक पहुँचाने के लिए पुलिस और प्रशासन द्वारा बनाए गए विशेष मार्ग को ‘ग्रीन कॉरिडोर’ कहा जाता है।
* वंदे भारत एक्सप्रेस: यह भारत की पहली स्वदेशी, सेमी-हाई स्पीड और इंजन-रहित ट्रेन है, जिसका निर्माण इंटीग्रल कोच फैक्ट्री (ICF), चेन्नई में किया गया है।
FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न):
प्रश्न 1. हाल ही में भारतीय रेलवे (Indian Railways) ने किस अंग का पहली बार सफल परिवहन किया है?
उत्तर: भारतीय रेलवे ने वंदे भारत एक्सप्रेस के माध्यम से पहली बार एक ‘जीवित हृदय’ (Live Heart) का सफल परिवहन किया है।
प्रश्न 2. प्रत्यारोपण के लिए यह ‘जीवित हृदय’ (Live Heart) किन दो शहरों के बीच ले जाया गया?
उत्तर: रेलवे द्वारा यह ऐतिहासिक मेडिकल ट्रांसपोर्ट गुजरात के सूरत (Surat) से कर्नाटक के मैसूर (Mysuru) शहर के बीच किया गया।
प्रश्न 3. प्रत्यारोपण के लिए ‘लाइव हार्ट’ (Live Heart) को सुरक्षित रखने का समय (Preservation Time) कितना होता है?
उत्तर: सुरक्षित और सफल प्रत्यारोपण के लिए एक जीवित हृदय को डोनर के शरीर से निकालने के बाद आमतौर पर 4 से 6 घंटे के भीतर ट्रांसप्लांट करना आवश्यक होता है।
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