मैदानों का वर्गीकरण

मैदान

भूपटल पर अपेक्षाकृत निचले और समतल क्षेत्रों को मैदान कहा जाता है। ये मैदान ऊंचे और नीचे भी हो सकते हैं। ऊंचाई के संदर्भ में, समुद्र तल से मैदान प्रायः 150 मीटर ऊँचा है।

मैदानों का वर्गीकरण

अवस्थिति निर्माण के आधार पर मैदानों का वर्गीकरण :-

तटीय मैदान:- समुद्र तटों के पास तटीय मैदानों को कहा जाता है; जैसे कि फ्लोरिडा का मैदान और भारत का पूर्वी और पश्चिमी तटीय मैदान।

आतंरिक मैदान :- महाद्वीपों के आंतरिक भाग में पाए जाने वाले मैदानों को आंतरिक मैदान कहा जाता है; जैसे – यूरोप का मैदान।

► निक्षेपण के आधार पर मैदानों का वर्गीकरण

नदी द्वारा निक्षेपण से बने मैदान नदी द्वारा निर्मित मुख्यतः तीन प्रकार के होते है :-

1 ) गिरिपद जलोढ़ मैदान :- नदी के साथ लाये गए बड़ी चट्टानें और मलबे पहाड़ों और पहाड़ियों की चौकियों पर निक्षेपित कर दिए जाते हैं। अतः उन्हें गिरिपाद जलोढ़ मैदान कहा जाता है। भारत में इस तरह के मैदान को भाबर कहा जाता है।

2 ) बाढ़ मैदान :- बाढ़ के समय नदी द्वारा अपने तल और मलबे को अपने मार्ग में ही निक्षेपित करने से निर्मित जमीन को बाढ़ का मैदान कहा जाता है। कृषि की दृष्टि से यह बहुत उपजाऊ है।

3 ) डेल्डा मैदान :- जब नदी अपने वृध्दावस्था में समुद्र या झील में गिरती है, तो उसका वेग कम हो जाता है और नदी अपने मलबे को वहन नही कर पाती और उसे निक्षेपित कर देती जिससे डेल्टा का निर्माण होता है और मैदानों में जमा होने से उपजाऊ जमीन का निर्माण होता है। । इस प्रकार बने मैदान अत्यंत उपजाऊ, समतल और सपाट होते हैं। गंगा, सिंधु, नील आदि नदियों के मुहाने पर स्थित मैदान डेल्टाई मैदान हैं।

विश्व के प्रमुख मैदान

नाम शहर स्थित
ग्रेट प्लेन कनाडा तथा संयुक्त राज्य अमेरिका
अमेजन का मैदान दक्षिणी अमेरिका
पेटागोनिया का मैदान दक्षिणी अमेरिका
पम्पास का मैदान दक्षिणी अमेरिका
फ्रांस का मैदान फ्रांस (यूरोप )
यूरोप का मैदान यूरोप
दक्षिण साइबेरिया का मैदान यूरोप एवं एशिया
सहारा का मैदान अफ्रीका
नील नदी का मैदान मिस्र (अफ्रीका )
अफ्रीका का पूर्वी तटीय मैदान अफ्रीका
मालगासी का मैदान मालगासी
गंगा, यमुना का मैदान भारत
ब्रह्मापुत्र का मैदान भारत – बंगलादेश
सिन्धु का मैदान भारत -पाकिस्तान
अरब का मैदान सऊदी अरब
चीन का मैदान चीन

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