
चर्चा में क्यों?
विश्व पर्यावरण दिवस 2026 के अवसर पर जेनेवा में आयोजित ‘WTO व्यापार एवं पर्यावरण सप्ताह’ में भारत ने अपनी कार्बन क्रेडिट ट्रेडिंग योजना (CCTS) और नवीकरणीय ऊर्जा मानकीकरण के माध्यम से वैश्विक जलवायु कार्रवाई में अपनी अग्रणी भूमिका को प्रदर्शित किया।
प्रमुख बिंदु
सफल NDC लक्ष्य: भारत ने वर्ष 2030 के अपने महत्वपूर्ण जलवायु लक्ष्यों को समय से पहले ही पार कर लिया है।
विद्युत क्षमता: मार्च 2026 तक भारत की गैर-जीवाश्म ईंधन आधारित स्थापित विद्युत क्षमता 53.21% हो गई है, जो 2030 के 50% के लक्ष्य से अधिक है।
उत्सर्जन तीव्रता: वर्ष 2005-2022 के बीच भारत की GDP उत्सर्जन तीव्रता में 37.38% की गिरावट आई है, जो 2030 के 33-35% के निर्धारित लक्ष्य से बेहतर है।
वैश्विक रुख: भारत ने सतत विकास के लिए UNFCCC के ‘समानता’ और CBDR-RC (साझा लेकिन अलग-अलग उत्तरदायित्व) के सिद्धांतों पर अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।
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